रमणजीत के हर इलस्ट्रेशन में एक नई चमक दिखती है, एक नया आयाम दिखता है। उन्होंने मेरे आग्रह पर यह इलस्ट्रेशन तैयार किया। और सच कहूं तो इस इलस्ट्रेशन को देखने के बाद मेरा परिचय मेरे चेहरे की कुछ लकीरों से हुआ। कितना रोमांचक होता है अपने चेहरे को दूसरे के ब्रश से जानना! वाकई, रमणजीत बढ़िया कलाकार हैं।
Wednesday, May 27, 2009
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12 comments:
भईये इसमें तो आप खाते पीते घर के चिराग लग रहे हैं :) हा हा.. बढिया है
हे भगवान.
thankyou sir for adding my work.
Kalakaar kuchh bhi kar sakte hain...
वाह.... रचनात्मकता इसी को कहते हैं
ब्रेकिंग द रूल्स....
Anurag after 20 years!!!!!!!!
great work by Raman indeed!
Namita
रमण ने बढ़िया काम किया है. तुमसे बेहतर तुम्हारा कार्टून है. बूढे हो गए हो लग रहा है.
कलाकारी तो गजब की है ही। दो राय नहीं। पर ये एक ही व्यक्ति में समाए दो आदमी लग रहे हैं..
बढ़िया कर दिया उन्होंने तो आपके हुलिए को :) खूब जम रहे हैं आप इस रूप में
सच कहते हैं खूबसूरती देखने वाले की नज़र में होती है
अनुराग बाबु यदि तुम अपने सेहत का ख्याल नहीं रखोगे तो भरी जवानी में इससे भी बदतर हो जाओगे
तुम्हारा शुभचिंतक
मनोज
bhabhi ko kaise lage?
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