जिरह पढ़ें, आप अपनी लिपि में (Read JIRAH in your own script)

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जिरह करने की कोई उम्र नहीं होती। पर यह सच है कि जिरह करने से पैदा हुई बातों की उम्र बेहद लंबी होती है। इसलिए इस ब्लॉग पर आपका स्वागत है। आइए,शुरू करें जिरह।
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Sunday, September 21, 2008

पोस्ट के नेचर के मुताबिक लगाएं तस्वीर

किसी पोस्ट के साथ उस नेचर की तस्वीर हो, तो पोस्ट निखर आता है। यह तो सच है कि इनसान का पहला परिचय तस्वीर से होता है, न कि टेक्स्ट से। इसलिए भी तस्वीर को फीलर की तरह इस्तेमाल करने की बजाय उसे पोस्ट के जरूरी हिस्से की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। कई साथियों ने मेल कर कहा था पोस्ट के बीच में तस्वीर लगाने का तरीका बताने को। तो ऐसे साथियों की फरमाइश पर ही पेश है आज का ब्लॉग बाइट। इस अंक को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

2 comments:

रंजना [रंजू भाटिया] said...

जान लिया जी बढ़िया क्लास है यह ..और दुमछल्ला की बात सही :)

Udan Tashtari said...

अच्छा लगा पढ़कर..रंजना जी से सहमत-दुमछल्ला बढ़िया है.